डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानीं, तो परिणाम बेहद गंभीर होंगे।
ट्रंप ने 10 दिन की समय-सीमा का जिक्र करते हुए कहा कि अब ईरान के पास “बहुत कम समय” बचा है और इसके बाद हालात तेजी से बदल सकते हैं।
“अब फैसला ईरान के हाथ में”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा:
“यह एक निर्णायक समय है… हमने उन्हें मौका दिया है, अब देखना है कि वे क्या कदम उठाते हैं।”
- ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका युद्ध नहीं चाहता
- लेकिन ईरान के कदमों पर आगे की रणनीति निर्भर करेगी
- परमाणु हथियारों को लेकर “जीरो टॉलरेंस” नीति दोहराई
होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ा बयान
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रंप ने बड़ा दावा किया कि ईरान दुनिया को गुमराह कर रहा है।
- ईरान की माइन बिछाने की क्षमता पर सवाल उठाया
- कहा कि वैश्विक व्यापार के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है
- अमेरिका को यहां “टोल वसूली” का अधिकार मिलना चाहिए
👉 यह बयान वैश्विक तेल सप्लाई और व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।
“कुछ घंटों में ठप कर सकते हैं सिस्टम”
ट्रंप ने अमेरिकी सेना की ताकत का जिक्र करते हुए कहा:
- ईरान के पुल, बिजली संयंत्र और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है
- कुछ ही घंटों में पूरा सिस्टम ठप किया जा सकता है
- हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका “पहले हमला नहीं करना चाहता”
200 सैनिकों वाला रेस्क्यू ऑपरेशन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने एक बड़े सैन्य ऑपरेशन का खुलासा भी किया:
- दुश्मन इलाके में फंसे पायलट को बचाने के लिए ऑपरेशन
- 200 सैनिक और 21 विमान शामिल
- भारी गोलीबारी के बीच पायलट को सुरक्षित निकाला गया
👉 एक विमान को दुश्मन के हाथ लगने से बचाने के लिए खुद ही नष्ट कर दिया गया।
“एक रात में ईरान को तबाह कर देंगे”
ट्रंप का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला बयान यही रहा:
“जरूरत पड़ी तो हम एक रात में ईरान को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।”
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ईरान की भी कड़ी प्रतिक्रिया
ईरान की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया सामने आई है।
मोजतबा खामेनेई ने कहा:
- नेताओं की हत्या या धमकियों से ईरान झुकने वाला नहीं
- देश अपनी रणनीति पर कायम रहेगा
क्या बढ़ सकता है तनाव?
- अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और बढ़ सकता है
- वैश्विक तेल बाजार पर असर संभव
- मध्य-पूर्व में सुरक्षा स्थिति और संवेदनशील हो सकती है


