Nepal Flood: नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। कुछ ही मिनटों में तेज बहाव वाला पानी कई इलाकों में घुस गया और लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। बाढ़ के बाद कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है।
प्रभात खबर की टीम भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात का जायजा ले रही है। ग्राउंड रिपोर्ट में बाढ़ के बाद हुई तबाही और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति सामने आई है।
प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई खौफनाक कहानी
त्रिशूली और नारायणी नदी के पुल के पास मौजूद चंदन ने एक प्रत्यक्षदर्शी से बातचीत की। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बाढ़ का पानी अपने साथ कई चीजें बहाकर ले जा रहा था।
उसने बताया कि उसने पानी में दो शवों को बहते हुए देखा। उसके मुताबिक, यह दृश्य बेहद भयावह था और उसे लंबे समय तक याद रहेगा।
नेपाली सेना ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
बाढ़ प्रभावित टिमुरे, स्याफ्रुवेंशी, धुन्चे और मैलुङ जैसे इलाकों में नेपाली सेना का बचाव अभियान जारी है।
दिए गए अपडेट के अनुसार, नेपाली सेना ने गुरुवार दोपहर तक 50 विदेशी पर्यटकों समेत 602 लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला। इसके अलावा करीब 200 लोगों को जमीनी रास्ते से भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में 4,200 से ज्यादा सैनिक लगाए गए हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए ड्रोन और प्रशिक्षित स्निफर डॉग्स की मदद भी ली जा रही है।
काठमांडू से मुगलिंग तक हजारों वाहन फंसे
बाढ़ से नेपाल के कई हिस्सों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। काठमांडू से मुगलिंग के बीच प्रमुख सड़क मार्ग पर भी आवाजाही बाधित है।
मुगलिंग के बाद करीब 13 किलोमीटर के हिस्से में त्रिशूली नदी के कारण भारी नुकसान हुआ है। गोल्छी बाजार से गजुरी के बीच सड़क पर परिचालन शुरू नहीं हो सका है, जिससे काठमांडू और मुगलिंग के बीच बड़ी संख्या में वाहन फंसे हुए हैं।
गंडक बराज के 36 फाटक खोले गए
नेपाल में बाढ़ के बाद भारत के बिहार में भी प्रशासन अलर्ट पर रहा। बगहा प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए गंडक बराज के जलस्तर और पानी के प्रवाह पर लगातार निगरानी रखी।
स्थिति को देखते हुए गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोल दिए गए। रात में गंडक नदी का जलप्रवाह करीब 1.50 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया था।
गंडक नदी में दिखा बाढ़ का असर
नेपाल में हुई तबाही का असर गंडक नदी तक भी पहुंचा। वाल्मीकिनगर और बगहा इलाके में नदी के पानी में शवों, मवेशियों और अन्य सामान के बहकर आने की सूचना मिली।
स्थानीय लोगों ने नदी में गैस सिलेंडर, बस और ट्रक के पहिए, फर्नीचर और घरों में इस्तेमाल होने वाला सामान बहते देखा। इससे नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हुई तबाही का असर साफ दिखाई दिया।
भरतपुर अस्पताल का शवगृह भरा
बाढ़ के बाद लगातार शव मिलने के कारण नेपाल के भरतपुर अस्पताल का शवगृह भर गया है। शवों को रखने के लिए अब वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
दिए गए अपडेट के मुताबिक, चितवन में त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे 64 शव बरामद किए जा चुके थे। शवों की संख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है।
नदी किनारे सर्च ऑपरेशन जारी
लापता लोगों की तलाश और शवों की बरामदगी के लिए चितवन में सुरक्षा एजेंसियां लगातार सर्च और रिकवरी ऑपरेशन चला रही हैं।
त्रिशूली और नारायणी नदी के अलग-अलग हिस्सों में खोज अभियान जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, अभियान आगे बढ़ने के साथ बरामद शवों की संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन शवों की पहचान और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटा है।
प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए सामान को उठाने के लिए नदी तट पर भीड़ नहीं लगाने की अपील की है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

