नेपाल में बीते दो दिनों से हिंसक प्रदर्शन और अराजक माहौल के बीच जेलों से बड़े पैमाने पर कैदियों के फरार होने की खबर ने स्थिति और गंभीर कर दी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार तक देशभर की विभिन्न जेलों से कुल 1432 कैदी भाग निकले।
महोत्तरी और कैलाली जेल में सबसे ज्यादा कैदी भागे
कांतिपुर समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार, महोत्तरी के जलेश्वर जेल में कैदियों और प्रदर्शनकारियों ने मिलकर दीवार तोड़ी और 572 कैदी फरार हो गए।
वहीं, कैलाली जेल से सभी 650 कैदी भागने में सफल रहे।
सोलुखुम्बु और तुलसीपुर में तोड़फोड़ और आगजनी
- सोलुखुम्बु जेल में कैदियों ने आगजनी और तोड़फोड़ की, जिसमें 86 कैदी भाग निकले।
- तुलसीपुर जेल से 124 कैदी दीवार तोड़कर भाग गए, जबकि 55 कैदी अब भी जेल में मौजूद हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भीड़ और कैदियों के संयुक्त हमले से हालात पूरी तरह बेकाबू हो गए।
नेपाल में बढ़ते उपद्रव और राजनीतिक संकट
नेपाल में पिछले 48 घंटों में कई सरकारी इमारतों पर हमला, आगजनी और पथराव की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय सिंह दरबार, संसद भवन, सर्वोच्च न्यायालय और शीर्ष नेताओं के घरों को निशाना बनाया।
राष्ट्रपति की शांति की अपील
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने हिंसा और आगजनी रोकने की अपील करते हुए कहा कि –
“देश को इस संकट से बाहर निकालने के लिए सभी पक्ष बातचीत के लिए आगे आएं।”
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का इस्तीफा भी स्वीकार कर लिया गया है। सेना और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिकों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की है।


