लाल सागर में इंटरनेट संकट! रहस्यमयी केबल कटने से भारत सहित कई देश प्रभावित

समुद्र के नीचे बिछी महत्वपूर्ण ऑप्टिक केबल्स के कटने से ग्लोबल इंटरनेट पर बड़ा असर

Red Sea Internet Cables Damaged Global Connectivity Affected
Red Sea Internet Cables Damaged Global Connectivity Affected (PC: BBN24/Social Media)

लाल सागर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां समुद्र के नीचे बिछी ऑप्टिक फाइबर केबल्स क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जिससे भारत सहित कई देशों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इससे माइक्रोसॉफ्ट Azure पर भी गंभीर असर पड़ा है।

माइक्रोसॉफ्ट Azure पर भारी असर

विशेषज्ञों ने बताया कि इन केबल्स के टूटने से यूरोप और एशिया के बीच डेटा ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ है। SEACOM/TGN-EA, AAE-1 और EIG जैसे बड़े सिस्टम्स बंद हो गए हैं। Azure टीम का कहना है कि फिलहाल डेटा को वैकल्पिक मार्गों से ट्रांसफर किया जा रहा है, लेकिन पूरी तरह बहाली में वक्त लग सकता है।

क्यों टूटी केबल्स?

इन केबल्स के टूटने की वजह अभी तक साफ नहीं हुई है।

  • विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर कॉमर्शियल शिप्स इसके लिए जिम्मेदार होती हैं।
  • वहीं, कई बार जानबूझकर तोड़फोड़ की आशंका भी जताई जाती है।
  • माना जा रहा है कि यमन के हूती विद्रोही इंटरनेट कनेक्टिविटी को निशाना बना सकते हैं ताकि गाजा युद्ध को खत्म करने के लिए इजरायल पर दबाव बने।

भारत समेत कई देशों पर असर

इंटरनेट एक्सेस की निगरानी करने वाली कंपनी NetBlocks ने बताया कि इस घटना से भारत, पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों में इंटरनेट प्रभावित हुआ है। जेद्दा के पास SMW4 और IMEWE केबल सिस्टम भी प्रभावित पाए गए हैं।

हूतियों पर संदेह गहराया

यमन सरकार पहले भी हूतियों पर समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल्स को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा चुकी है। हालांकि हूतियों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार किया था। लेकिन ताजा घटनाओं के बाद शक और गहरा गया है।

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