21 सितंबर 2025, रविवार को साल का आखिरी और दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह दिन सर्वपितृ अमावस्या का भी है, जिस कारण इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।
1. सूर्य ग्रहण कब और कितनी देर का होगा?
भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण रात 11 बजे शुरू होगा और 3:23 मिनट पर समाप्त होगा। इसकी अवधि लगभग 4 घंटे 24 मिनट रहेगी।
2. किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ग्रहण?
यह ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा।
3. क्या भारत में दिखेगा ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इसलिए देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा। धार्मिक कार्य जैसे नवरात्रि व श्राद्ध भी बिना किसी बाधा के किए जाएंगे।
4. सूर्य ग्रहण कहां दिखाई देगा?
यह ग्रहण न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और पश्चिमी अंटार्कटिका के आसपास दिखाई देगा। सिडनी, ऑकलैंड और वेलिंग्टन जैसे प्रमुख शहरों से इसे देखा जा सकेगा।
5. किन देशों में नहीं दिखेगा?
भारत, नेपाल, श्रीलंका, अफगानिस्तान, यूएई समेत एशिया, यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका के कई हिस्सों में यह ग्रहण नजर नहीं आएगा।
6. नवरात्रि व श्राद्ध पर क्या असर पड़ेगा?
क्योंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक कार्यों में कोई रुकावट नहीं होगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहीं सूतक काल और धार्मिक मान्यताएं लागू होती हैं।
7. सूर्य ग्रहण कैसे लगता है?
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का प्रकाश कुछ समय के लिए ढक जाता है, तभी सूर्य ग्रहण लगता है। यह हमेशा अमावस्या को ही होता है।
निष्कर्ष
21 सितंबर का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन ज्योतिष और धर्म के लिहाज से इसका महत्व जरूर है। हालांकि धार्मिक कार्यों में कोई रुकावट नहीं आएगी।


