Ramgarh Firing: भुरकुंडा रेलवे साइडिंग पर चली गोलियां, कोयला घोटाले में मुनाफे की लड़ाई निकली वजह?

थाने से महज 100 मीटर दूर अपराधियों ने रेलवे साइडिंग पर की पांच राउंड फायरिंग, साइडिंग इंचार्ज Bhola Yadav बाल-बाल बचे, चारकोल मिलावट में हिस्सेदारी को लेकर था विवाद

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(Source: Google/Social Media Sites)

रामगढ़ (झारखंड): शुक्रवार की सुबह रामगढ़ जिले के भुरकुंडा रेलवे साइडिंग पर अपराधियों ने दिनदहाड़े पांच राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी। यह वारदात थाना परिसर से महज 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हमले का निशाना साइडिंग इंचार्ज Bhola Yadav थे, जो इस फायरिंग में बाल-बाल बच गए।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर Patratu SDPO और स्थानीय थाना प्रभारी ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से गोलियों के खोखे बरामद किए गए हैं।

चारकोल मिलावट के मुनाफे में हिस्सेदारी बनी फायरिंग की असली वजह

सूत्रों की मानें तो इस फायरिंग की वजह सालों से चल रहे कोयला में चारकोल मिलावट के अवैध धंधे से जुड़ी है। भुरकुंडा रेलवे साइडिंग से लंबे समय से Power Plant को कोयले की आपूर्ति होती रही है। बताया जा रहा है कि इसमें चारकोल मिलाकर मुनाफा कई गुना बढ़ाया जाता है और इसी मुनाफे के बंटवारे को लेकर विवाद खड़ा हुआ।

स्थानीय लोगों का दावा है कि यह हमला केवल दिखावे की फायरिंग थी, ताकि विरोधियों को डराया जा सके। जिस समय गोली चली, उस समय कई लोग साइडिंग पर मौजूद थे, लेकिन अपराधियों ने जानबूझकर केवल चारदीवारी पर ही गोली चलाई।

सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था, बढ़ी साइडिंग की निगरानी

थाने से इतनी नजदीकी पर हुई इस घटना ने पुलिस व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। जहां एक ओर प्रशासन जांच की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर यह भी आशंका है कि कोल माफिया और राजनीतिक संरक्षण के कारण ये घटनाएं बार-बार दोहराई जाती हैं।

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