9 साल बाद खुला PNB का लॉकर, अंदर का नजारा देख उड़ गए होश! 90 लाख के जेवर गायब, अब कौन है जिम्मेदार?

बैंक में सबसे सुरक्षित माने जाने वाले लॉकर से 90 लाख के गहने गायब, PNB मेदिनीनगर ब्रांच में बड़ा घोटाला, ग्राहक ने दर्ज कराई FIR

Pnb Locker Jewellery Theft Medininagar Case
Pnb Locker Jewellery Theft Medininagar Case (Source: BBN24/Google/Social Media)

बैंक में लॉकर को सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है, लेकिन झारखंड के मेदिनीनगर में Punjab National Bank (PNB) की बाजार शाखा में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां संजय कुमार सिंह नामक ग्राहक ने दावा किया है कि उनके PNB लॉकर से 90 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने रहस्यमय तरीके से गायब हो गए।

संजय कुमार सिंह, जो पेशे से Tata Steel में नॉर्थ इंडिया के मार्केटिंग हेड हैं और दिल्ली में रहते हैं, ने बताया कि उनका PNB में 2016 से लॉकर है। 9 साल बाद 10 जुलाई 2025 को जब बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में लॉकर खोला गया तो उसमें रखा एक भी गहना नहीं मिला। इस पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी करवाई गई थी।

क्या-क्या था लॉकर में

संजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि लॉकर में छह सोने के हार, दो चेन, चार कंगन, आठ अंगूठी, दो लेडिज अंगूठी, एक मंगलसूत्र, एक ढोलना, चार कान की बाली और दो नथिया सहित कई महंगे गहने रखे गए थे।

लॉकर इंचार्ज बने बैंक प्रबंधक

लॉकर की चाबी संजय कुमार सिंह ने सालों पहले खो जाने की सूचना तत्कालीन बैंक मैनेजर आनंद कुमार को दी थी, जिन्होंने चाबी बनवाने के लिए दो महीने का समय मांगा था। लेकिन स्थानांतरण के चलते मामला अधूरा रह गया। अब वही बैंक के लॉकर इंचार्ज देवेंद्र कुमार, फिलहाल प्रबंधक हैं। उन्होंने पुष्टि की कि लॉकर में कुछ भी नहीं मिला और जांच जारी है।

पूर्व बैंक प्रबंधक ने खारिज किए आरोप

जब इस विषय में पूर्व प्रबंधक आनंद कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार करते हुए कहा कि 19 फरवरी को एक महिला लॉकर खुलवाने आई थी, लेकिन हस्ताक्षर न मिलने के कारण लॉकर नहीं खोला गया।

क्या बोले बैंक प्रबंधन

वर्तमान बैंक प्रबंधक देवेंद्र कुमार ने कहा कि जांच प्रक्रिया शुरू हो गई है और पूरी पारदर्शिता से मामले की तहकीकात की जाएगी।

इस घटना ने न केवल बैंकिंग सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है बल्कि लॉकर होल्डर्स में भी दहशत फैला दी है। अब सवाल यही है कि 9 साल बाद आखिर 90 लाख के गहनों का सुराग कौन देगा?

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