इंदौर में जन्मा ‘दो सिर वाला एक धड़’ बच्चा! डॉक्टर भी रह गए सन्न – रहस्य से भरा मामला

एमटीएच अस्पताल में ऑपरेशन से हुआ दुर्लभ जुड़वा बच्चों का जन्म, डॉक्टरों को नहीं था कोई अंदेशा, अब NICU में है दोनों की निगरानी

Two Headed Baby Born In Indore
Two Headed Baby Born In Indore (Source: BBN24/Google/Social Media)

इंदौर के एमटीएच अस्पताल में एक ऐसा चमत्कारी और रहस्यमयी मामला सामने आया है, जिसने डॉक्टरों को भी हैरान कर दिया है। एक महिला ने ऐसे जुड़वा बच्चों को जन्म दिया है जिनके दो सिर हैं लेकिन शरीर एक ही है। यह दुर्लभ मामला अब शहरभर में चर्चा का विषय बन गया है।

डॉक्टरों को भी नहीं था अंदाजा, हर महीने होती रही जांच

डॉक्टरों के अनुसार, महिला की हर महीने नियमित जांच की गई थी, लेकिन किसी भी सोनोग्राफी या रिपोर्ट में यह नहीं पता चला कि गर्भ में ऐसे जुड़वा पल रहे हैं। एमटीएच अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराई गई महिला को तेज लेबर पेन के बाद ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया।

ऑपरेशन के समय खुला रहस्य, डॉक्टर भी रह गए स्तब्ध

जैसे ही ऑपरेशन शुरू हुआ, डॉक्टरों ने जब नवजात को देखा तो स्तब्ध रह गए। दो सिर लेकिन एक शरीर — यह एक जटिल मेडिकल स्थिति थी। ऐसे मामलों को मेडिकल साइंस में Dicephalic Parapagus Twins कहा जाता है। डॉक्टरों ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी।

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देवास से आई महिला, डॉक्टर अनुपमा की टीम ने किया ऑपरेशन

इस चौंकाने वाले केस के पीछे की पूरी जानकारी देते हुए एमटीएच अस्पताल की डॉक्टर अनुपमा ने बताया कि देवास निवासी वीर सिंह भिलाला की 22 वर्षीय पत्नी रुसा को रेफर किया गया था। बुधवार को जब उन्हें लेबर पेन हुआ, तो ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन नवजात की स्थिति ने सबको हैरत में डाल दिया।

बच्चे NICU में ऑब्जर्वेशन पर, फिलहाल दोनों की हालत स्थिर

फिलहाल दोनों बच्चों को अस्पताल के नवजात शिशु रोग विभाग में NICU में ऑब्जर्वेशन पर रखा गया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। डॉक्टरों ने कहा कि अभी दोनों की स्थिति स्थिर है लेकिन आगे की मेडिकल कॉम्प्लिकेशन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

डॉक्टर बोले – ऐसा केस दुर्लभ, सोनोग्राफी में कैसे नहीं दिखा रहस्य?

अस्पताल के विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक बेहद दुर्लभ केस है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इतनी बार सोनोग्राफी और मेडिकल जांच के बावजूद जुड़वां बच्चों की यह अनोखी स्थिति पहले कैसे नहीं पता चली। यह मामला मेडिकल क्षेत्र में शोध का विषय बन सकता है।

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