अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाया गया 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ आज से लागू हो गया है। इससे भारत के कई उद्योगों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। इसी बीच, पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की निजी दोस्ती इस संकट से उबरने में अहम भूमिका निभा सकती है।
हाउडी मोदी से नमस्ते ट्रंप तक की दोस्ती
श्रृंगला ने कहा कि मोदी-ट्रंप के बीच का रिश्ता पुराना और मजबूत है। ‘हाउडी मोदी’ और ‘नमस्ते ट्रंप’ जैसे आयोजनों ने इस मित्रता को और गहरा किया। उनका मानना है कि यही संबंध दोनों देशों को जल्द एक पारस्परिक रूप से लाभकारी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) तक ले जा सकता है।
वैकल्पिक बाजारों की तलाश
टैरिफ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भारत लगातार नए बाजारों की तलाश में जुटा है। श्रृंगला ने ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूएई के साथ मौजूदा एफटीए का हवाला देते हुए कहा कि भारत यूरोपीय संघ से भी समझौते के करीब है। इससे भारत को निर्यात का नया रास्ता मिलेगा।
सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे ये सेक्टर
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, 50% टैरिफ से भारत के श्रम-प्रधान निर्यात में 70% तक गिरावट हो सकती है। खासकर कपड़ा, रत्न-आभूषण और झींगा निर्यात पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। हालांकि, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे 30% निर्यात अब भी शुल्क-मुक्त रहेंगे।
भरोसे की डोर पर खड़ी उम्मीदें
श्रृंगला ने कहा कि अमेरिका-भारत रिश्ते साझा मूल्यों और सिद्धांतों पर टिके हैं। यही मजबूती किसी भी व्यापारिक चुनौती से उबार सकती है। उन्होंने विश्वास जताया कि मोदी-ट्रंप के मजबूत रिश्ते इस व्यापारिक तनाव का हल निकालेंगे।



