उत्तराखंड के हरिद्वार से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिला को भर्ती करने से मना कर दिया गया, जिसके चलते उसे दर्द से तड़पते हुए फर्श पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। यह दृश्य न केवल अस्पताल प्रबंधन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि मानवता को भी शर्मसार करता है। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
डॉक्टर पर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार का आरोप
जानकारी के अनुसार, महिला ब्रह्मपुरी की रहने वाली है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती है। मंगलवार देर रात करीब 9:30 बजे वह जिला महिला अस्पताल पहुंची थी। आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर डॉ. सोनाली (संविदा पर नियुक्त) ने भर्ती करने से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि अस्पताल में प्रसव की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान, होगी कार्रवाई
हरिद्वार महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ आर.के. सिंह और कमल जोशी को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि गर्भवती महिला के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का प्रदर्शन, डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग
इस घटना को लेकर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला महिला अस्पताल और पीएमएस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डॉक्टर पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।


