चारा घोटाला: 25 साल से फरार आरोपी सत्येंद्र कुमार गिरफ्तार, लखनऊ रेलवे स्टेशन पर CBI ने दबोचा

Fodder Scam Accused Satyendra Kumar Arrested Lucknow
Fodder Scam Accused Satyendra Kumar Arrested Lucknow (PC: BBN24/Social Media)

Fodder Scam News: चारा घोटाला मामले में करीब 25 साल से फरार आरोपी सत्येंद्र कुमार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी ने गुरुवार देर रात उत्तर प्रदेश के लखनऊ रेलवे स्टेशन पर उसे ट्रेन से पकड़ा। आरोपी के खिलाफ अदालत से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था। अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर रांची लाया जा रहा है, जहां संबंधित विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

गुप्त सूचना के बाद लखनऊ स्टेशन पर कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक, CBI को सूचना मिली थी कि सत्येंद्र कुमार मध्य प्रदेश के गुना से ट्रेन में सवार होकर लखनऊ आ रहा है। इसके बाद जांच एजेंसी की टीम ने लखनऊ रेलवे स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी।

ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने संबंधित बोगी में आरोपी की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर लिया गया।

10 करोड़ रुपये से अधिक की दवा आपूर्ति में घोटाले का आरोप

सत्येंद्र कुमार पर चारा घोटाले के दौरान सरकारी खजाने से कथित तौर पर फर्जी तरीके से राशि निकालने का आरोप है। जांच के अनुसार, उसने अपने सहयोगी दिनेश राय के साथ मिलकर पशुपालन विभाग को बड़े पैमाने पर दवाइयों की आपूर्ति की थी।

बताया गया है कि सत्येंद्र और दिनेश राय ने रांची के बीआईटी मेसरा से बी-फार्मा की पढ़ाई की थी। इसके बाद दोनों ने दवा निर्माण कंपनी बनाई।

आरोप है कि इसी फर्म के माध्यम से 10 करोड़ रुपये से अधिक की दवाओं की आपूर्ति दिखाकर घोटाले की रकम हड़प ली गई। हालांकि, इन आरोपों से संबंधित मामले का अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अदालत की कार्यवाही पर निर्भर करेगा।

2001 में चार्जशीट दाखिल होने के बाद से था फरार

इस मामले में दिनेश राय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और अदालत उसे सजा भी सुना चुकी है। वहीं, सत्येंद्र कुमार वर्ष 2001 में CBI की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद से फरार था।

रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पटना स्थित अपना आवास भी छोड़ दिया था। फरारी के दौरान उसके नेपाल में दवा कंपनी शुरू करने और वहां रहने की सूचना जांच एजेंसी को मिली थी।

अदालत से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद CBI उसकी तलाश कर रही थी। अब गिरफ्तारी के बाद उसे रांची लाकर संबंधित अदालत में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।

क्या है चारा घोटाला?

चारा घोटाला एकीकृत बिहार के समय पशुपालन विभाग में सरकारी धन की कथित अवैध निकासी से जुड़ा मामला है। वर्ष 1996 में CBI ने इसकी औपचारिक जांच शुरू की थी।

इस घोटाले से जुड़े अलग-अलग मामलों में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव समेत कई राजनेताओं, अधिकारियों और आपूर्तिकर्ताओं को अदालतों से सजा सुनाई जा चुकी है।

सत्येंद्र कुमार की गिरफ्तारी इस मामले में लंबे समय से फरार आरोपी की तलाश के बाद हुई कार्रवाई के रूप में सामने आई है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत में पेशी पर नजर रहेगी।

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