देशभर के इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। JoSAA Counselling 2026 की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इस बार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में BTech सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। इससे IIT में दाखिला पाने का सपना देख रहे छात्रों को पहले की तुलना में अधिक अवसर मिलेंगे।
JoSAA द्वारा जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार, वर्ष 2025 में IITs में BTech की कुल 18,160 सीटें उपलब्ध थीं। वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 18,951 हो गई है। यानी इस साल कुल 791 नई सीटें जोड़ी गई हैं।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा सीटें
आमतौर पर इंजीनियरिंग छात्रों के बीच कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) सबसे लोकप्रिय ब्रांच मानी जाती है। हालांकि सीटों की संख्या के मामले में इस बार भी मैकेनिकल इंजीनियरिंग सबसे आगे है।
आंकड़ों के अनुसार, IITs में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की कुल 2,286 सीटें उपलब्ध हैं। वहीं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 2,183 सीटें हैं। यानी सीटों की संख्या के लिहाज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग ने कंप्यूटर साइंस को पीछे छोड़ दिया है।
हालांकि बेहतर प्लेसमेंट, उच्च सैलरी पैकेज और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बढ़ती मांग के कारण कंप्यूटर साइंस अब भी छात्रों की पहली पसंद बनी हुई है।
JoSAA सीट मैट्रिक्स क्यों है महत्वपूर्ण?
JoSAA Counselling के दौरान सीट मैट्रिक्स छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है। इसमें IIT, NIT, IIIT और GFTI संस्थानों में उपलब्ध सीटों की विस्तृत जानकारी दी जाती है।
सीट मैट्रिक्स की मदद से छात्र यह समझ सकते हैं कि किस संस्थान में किस ब्रांच की कितनी सीटें उपलब्ध हैं और अपनी रैंक के अनुसार बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।
IIT में प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में हुई बढ़ोतरी से अधिक छात्रों को IIT में दाखिले का अवसर मिलेगा। इससे काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान सीट आवंटन में भी कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है।
JoSAA Counselling 2026 से जुड़ी पूरी सीट मैट्रिक्स और अन्य जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है, जहां छात्र संस्थान और ब्रांचवार सीटों का विवरण देख सकते हैं।

