US Anti-Dumping Duty: United States ने भारत के सोलर सेक्टर को बड़ा झटका देते हुए भारतीय सोलर सेल और मॉड्यूल पर 123.04% की शुरुआती एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा दी है. इस फैसले से India के सोलर एक्सपोर्ट पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट की जांच में “क्रिटिकल सरकमस्टेंसेज” मिलने का हवाला देते हुए यह कदम उठाया गया है. जांच के दायरे में कई भारतीय कंपनियां जैसे मुंद्रा सोलर एनर्जी, मुंद्रा सोलर पीवी, कोवा और प्रीमियर एनर्जी शामिल थीं.
पुराने शिपमेंट पर भी असर
रिपोर्ट के मुताबिक, यह ड्यूटी सिर्फ आगे के एक्सपोर्ट पर ही नहीं, बल्कि आदेश जारी होने से 90 दिन पहले तक भेजे गए शिपमेंट पर भी लागू हो सकती है. इससे कंपनियों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ेगा.
इंडस्ट्री ने जताया विरोध
National Solar Energy Federation of India ने इस फैसले को “तर्कहीन” बताते हुए चुनौती देने की बात कही है. वहीं Indian Solar Manufacturers Association ने भी संकेत दिया है कि मामला आगे कानूनी स्तर तक ले जाया जाएगा.
पहले से ही भारी टैक्स का दबाव
इस नई ड्यूटी से पहले ही भारतीय सोलर एक्सपोर्ट पर 125% से ज्यादा काउंटरवेलिंग ड्यूटी लागू थी. अब कुल टैक्स बोझ 200% से अधिक हो गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने भारी शुल्क के बाद अमेरिकी बाजार में भारतीय सोलर मॉड्यूल की प्रतिस्पर्धा लगभग खत्म हो सकती है.
शेयर बाजार पर असर
इस खबर का असर सोलर कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा. कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी है.
क्या होगा आगे?
हालांकि, भारतीय कंपनियों ने पिछले कुछ वर्षों में अपने एक्सपोर्ट को यूरोप, पश्चिम एशिया और अन्य बाजारों में फैलाया है. इससे तत्काल असर कुछ हद तक सीमित रह सकता है.
यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है. ऐसे में इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है.

