पटना में उर्दू-बांग्ला TET अभ्यर्थियों का आत्मदाह की चेतावनी, 12 साल से अटके नतीजे

सरकार और विभागीय आदेश के बावजूद 2013 TET रिजल्ट जारी नहीं, अभ्यर्थियों का गुस्सा सड़क पर फूटा।

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पटना के JDU दफ्तर के बाहर बुधवार को उर्दू-बांग्ला टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) अभ्यर्थियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में जहर की शीशियां लेकर अभ्यर्थियों ने आत्मदाह की धमकी दी।

12 साल से अटके नतीजे, अभ्यर्थियों का आरोप

अभ्यर्थियों का कहना है कि 2013 में हुई TET परीक्षा के रिजल्ट अब तक घोषित नहीं किए गए हैं। पहले 12,000 उम्मीदवारों को पास घोषित किया गया था, लेकिन बाद में पूरी लिस्ट को निरस्त कर दिया गया और सभी को फेल करार दे दिया गया।

अदालत और विभाग का आदेश भी बेअसर

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार और बोर्ड ने बार-बार आश्वासन देने के बावजूद नतीजे जारी नहीं किए। तीन साल पहले सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के वकील से कानूनी राय ली थी, जिसमें अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला आया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने कट-ऑफ में 5% की छूट भी दी, लेकिन नतीजे आज तक घोषित नहीं हुए।

पुलिस ने हटाया, सुरक्षा बढ़ी

JDU दफ्तर पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने अभ्यर्थियों को पकड़कर जबरन हटाया। अभ्यर्थियों ने सरकार पर उनकी अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया।

लगातार उबल रहा है आक्रोश

इससे पहले STET अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में भी लाठीचार्ज हुआ था, जिसमें कई घायल हुए थे। लगातार भर्ती और रिजल्ट की देरी से अभ्यर्थियों का गुस्सा तेज़ी से बढ़ रहा है।

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