बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री ने सारण जिले के सोनपुर प्रखंड स्थित डुमरी बुजुर्ग पंचायत में इस अभियान का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का हर हाल में 30 दिनों के भीतर निष्पादन किया जाएगा। यदि 30वें दिन तक आदेश जारी नहीं हुआ तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी स्वतः निलंबित माने जाएंगे।
10वें, 20वें और 25वें दिन जारी होगा नोटिस
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिकायतों की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई है। आवेदन मिलने के 10 दिन बाद पहला नोटिस, 20वें दिन दूसरा और 25वें दिन तीसरा नोटिस संबंधित अधिकारी को भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या जनता को भटकाने की कोशिश करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हर महीने पहले और तीसरे मंगलवार को लगेगा शिविर
‘सहयोग शिविर’ कार्यक्रम अब पूरे बिहार में हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंचल, प्रखंड और थाना स्तर की समस्याओं का समाधान इसी व्यवस्था के जरिए तय समय सीमा में किया जाएगा।
सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 शुरू
सरकार ने लोगों की शिकायत दर्ज कराने के लिए ‘सहयोग पोर्टल’ और हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को त्वरित न्याय और राहत देना है।
सोनपुर में एयरपोर्ट और नया टाउनशिप बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सोनपुर क्षेत्र के विकास को लेकर भी कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि यहां एयरपोर्ट और बाबा हरिहरनाथ के नाम से नया टाउनशिप विकसित किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि टाउनशिप परियोजना में किसी की जमीन अधिग्रहित होती है तो प्रभावित लोगों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।
स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सामान्य मरीजों को अनुमंडल या जिला अस्पताल से अनावश्यक रेफर करने की पुरानी व्यवस्था 15 अगस्त तक खत्म की जाए।
इसके अलावा उन्होंने घोषणा की कि जिन 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां जुलाई से पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।

