बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने किशनगंज में आयोजित बिहार बदलाव इजलास को संबोधित करते हुए दलितों और मुसलमानों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर तीखी टिप्पणी की।
दलितों के बाद मुसलमान सबसे गरीब: पीके
प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में दलितों के बाद सबसे ज्यादा गरीब मुसलमान हैं। आधे से ज्यादा मुस्लिम परिवार ऐसे हैं, जो चाहकर भी अपने बच्चों को शिक्षा और न्याय नहीं दिला पाते। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं ने बार-बार मुसलमानों को अल्पसंख्यक कहकर मानसिक रूप से कमजोर बना दिया है।
पीके ने बताया कि आबादी के हिसाब से बिहार विधानसभा में मुसलमानों के 40 विधायक होने चाहिए, लेकिन उनकी संख्या सिर्फ 19 है।
“गलत चुनेंगे, तो गलत पाएंगे”
प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर आज सत्ता में बैठे लोग जालिम लगते हैं, तो मान लीजिए कि उन्हें चुनने में जनता से गलती हुई है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे संख्या की चिंता छोड़कर अपने हक और अधिकार के साथ खड़े हों।
भाजपा और ओवैसी पर निशाना
पीके ने भाजपा की ताकत उसकी विचारधारा को बताया और कहा कि अगर भाजपा को हराना है तो गांधी की विचारधारा अपनानी होगी। वहीं, असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मुसलमानों को अलग-थलग करके लड़ाई की बात करते हैं, जबकि जनसुराज की सोच हिंदू-मुसलमान को मिलाकर बदलाव की है।
“बिहार बदलेगा तो देश बदलेगा”
उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार के बदलाव से ही देश का भविष्य बदलेगा। अगर जनता गलत को चुनेगी, तो आने वाली पीढ़ियां भी उसका नतीजा भुगतेंगी।
जनसुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद उदय सिंह ने भी सभा को संबोधित किया और कहा कि अब समय आ गया है कि नफरत और डर की राजनीति को खत्म किया जाए।



