मुजफ्फरपुर: गुरुवार की शाम मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चार हथियारबंद अपराधियों ने माधोपुर गोलंबर के पास सरेआम ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दो बाइक पर सवार बदमाशों ने जिस बेखौफ अंदाज में हमला किया, उसने आम जनता की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV फुटेज से खुला राज, पुलिस ने 24 घंटे में दबोचे तीन अपराधी
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज वायरल होते ही पुलिस एक्शन में आई और तेजी से छापेमारी शुरू की। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर विक्कू कुमार, संतोष कुमार और प्रमोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया। तीनों से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट्स के आधार पर अब अमन और मनीष कुमार की तलाश जारी है।
कैसे हुआ हमला, कौन था किस बाइक पर सवार? जानिए पूरा प्लान
जांच में सामने आया कि वारदात के समय एक बाइक पर संतोष (राइडर), विक्कू और प्रमोद सवार थे, जबकि दूसरी बाइक पर अमन और मनीष थे। फायरिंग के बाद सभी आरोपी ITI माधोपुर की ओर भाग निकले। बाद में पूछताछ में पता चला कि बदमाशों ने हथियार मोहम्मदपुर मुबारक गांव के पास झाड़ियों में छुपा दिए थे। वहां से एक देसी पिस्टल और तीन कारतूस बरामद किए गए हैं।
संतोष के घर से मिली बिना नंबर की अपाची, मनीष से खरीदी थी बाइक
गिरफ्तार संतोष कुमार के घर से पुलिस ने एक बिना नंबर की अपाची बाइक बरामद की, जिसे उसने ₹30,000 में मनीष कुमार से खरीदी थी। पुलिस ने मनीष के ठिकाने पर भी छापा मारा और वहां से प्रमोद को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी का दावा – जल्द तोड़ा जाएगा संगठित नेटवर्क
मनियारी थाना प्रभारी ने बताया कि यह एक संगठित अपराधियों का नेटवर्क है जिसे जल्द ही पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। फरार दो आरोपियों की तलाश के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद है।
अब बड़ा सवाल – क्या अपराधियों के लिए खुला मैदान है मुजफ्फरपुर?
इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े हुई गोलीबारी और भीड़ के बीच बदमाशों का यूं फायरिंग करना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में कानून का डर कम हो गया है। अब देखने वाली बात ये है कि पुलिस की यह सख्ती क्या लंबे समय तक बनी रहेगी और मुजफ्फरपुर को अपराधमुक्त बना पाएगी?


