मुंगेर (बिहार): सोशल मीडिया और यूट्यूब के नाम पर फर्जी पत्रकारिता का नया खेल सामने आया है। तारापुर थाना परिसर में आठ युवक-युवतियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जो खुद को न्यूज़ एजेंसी का संवाददाता बताकर पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे थे।
माइक लेकर पहुंचे और करने लगे सवाल
घटना सोमवार को तीज-चोरचंद पर्व की भीड़ के दौरान हुई। दरोगा अनिल कुमार सिंह दुकानदारों को ठेले हटाने की हिदायत दे रहे थे, तभी चार लड़के और चार लड़कियां “कटच्य न्यूज़” लिखा माइक लेकर वहां पहुंचे और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे। धीरे-धीरे विवाद बढ़ा और सभी थाने तक पहुंच गए।
पुलिस से बदसलूकी और धमकी
थाने में युवकों-युवतियों ने बारी-बारी से माइक पकड़कर पुलिस बल को धमकाना शुरू किया। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने कहा – “आपकी वर्दी उतरवा देंगे।” इस दौरान गर्भवती सिपाही चंदा कुमारी और सिपाही कौशल कुमार ने समझाने की कोशिश की, लेकिन मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
पूछताछ में हुआ खुलासा
पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सभी को हिरासत में लिया। जब उनसे पहचान पत्र और पत्रकारिता से जुड़े प्रमाण मांगे गए तो कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सके। पूछताछ में इनके नाम सामने आए – आदर्श मिश्रा (रीवा), अनामिका कुमारी (दरभंगा), खुशी सिंह (गुड़गांव), राजा बाबू (सिवान), रामलखन पांडे (सतना), विवेक यादव (जौनपुर), दिव्या (इटावा) और अनु प्रसाद (कुशीनगर)।
FIR दर्ज, जांच जारी
दरोगा अनिल कुमार सिंह के बयान पर FIR दर्ज की गई है। आरोप है कि इन युवक-युवतियों ने थाना गेट पर जाम हटाने की कार्रवाई में बाधा पहुंचाई और सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया। थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि सभी को पूछताछ के बाद नोटिस देकर पीआर बांड भरवाकर छोड़ा गया।
मुंगेर एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि मामले की जांच हवेली खड़गपुर डीएसपी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
सवाल फिर से खड़े हुए
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सोशल मीडिया और यूट्यूब के सहारे नकली पत्रकारिता कब तक प्रशासन और पुलिस को दबाव में लेने की कोशिश करती रहेगी।


