पटना में खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग के बाहर हुई फायरिंग और हंगामे के मामले में शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पुलिस ने इस मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) में खान सर को भी आरोपी बनाया है। उन पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, घटना के दौरान खान सर कथित रूप से मौके पर मौजूद थे। प्राथमिकी में दावा किया गया है कि उन्होंने अपने सुरक्षा गार्डों से कहा था, “खड़े होकर क्या कर रहे हो, गोली चलाओ, जो होगा मैं देख लूंगा।” हालांकि इन आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई
मामला 2 जून की रात का बताया जा रहा है, जब खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग के बाहर हंगामा और पथराव हुआ था। इसी दौरान दो सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए खान सर के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधिकारी के बयान पर दर्ज हुई FIR
कदमकुआं थाना के पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की सत्यता उपलब्ध साक्ष्यों, वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर परखी जाएगी।
छात्र आंदोलन के बाद बढ़ा विवाद
इस विवाद ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़े छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे पहले पुलिस ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को गिरफ्तार कर चुकी थी।
फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पटना के कारगिल चौक समेत कई स्थानों पर छात्रों ने प्रदर्शन किया और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। इसके बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव भी बढ़ा।
खान सर का पक्ष भी आया सामने
मामला दर्ज होने के बाद खान सर ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि उनके सुरक्षा गार्डों ने आत्मरक्षा में फायरिंग की थी। उनके अनुसार, घटना के समय माहौल बेहद तनावपूर्ण था और सुरक्षा कर्मियों ने अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कदम उठाया।
घटना की रात खान सर ने यह भी कहा था कि कोचिंग पर हमला करने आए लोगों की ओर से गोली चलने की जानकारी उन्हें मिली थी। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने शुरुआती जानकारी के आधार पर वह बयान दिया था।
जांच पर टिकी सबकी नजर
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और संबंधित लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। आने वाले दिनों में पुलिस और अदालत की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

