बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नीतीश सरकार ने वकीलों के लिए बड़ा ऐलान किया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब बिहार में नये नामांकित अधिवक्ताओं को तीन साल तक हर महीने ₹5000 स्टाइपेंड मिलेगा।
उन्होंने लिखा – “एनडीए सरकार ने 1 जनवरी 2024 से नामांकित सभी नये अधिवक्ताओं को तीन वर्षों तक प्रतिमाह ₹5000 देने वाले प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इसका भुगतान बिहार राज्य बार काउंसिल के माध्यम से किया जाएगा।”
ई-लाइब्रेरी और महिला वकीलों के लिए पिंक टॉयलेट
सरकार ने वकीलों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई अन्य घोषणाएँ भी की हैं।
- अधिवक्ता संघों को ई-लाइब्रेरी स्थापित करने के लिए ₹5 लाख की एकमुश्त राशि दी जाएगी।
- महिला अधिवक्ताओं के लिए पिंक टॉयलेट की व्यवस्था की जाएगी।
- आयकर दायरे से बाहर के अधिवक्ताओं को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से सहयोग मिलेगा।
- अधिवक्ता कल्याण न्यास समिति को ₹30 करोड़ की सहायता दी जाएगी।
विकास मित्रों को भी बड़ी सौगात
इसी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विकास मित्रों के लिए भी राहत भरी घोषणा की।
- प्रत्येक विकास मित्र को ₹25,000 एकमुश्त राशि टैबलेट खरीदने के लिए मिलेगी।
- उनका परिवहन भत्ता ₹1900 से बढ़ाकर ₹2500 और स्टेशनरी भत्ता ₹900 से बढ़ाकर ₹1500 कर दिया गया।
शिक्षा सेवकों को भी मिलेगा लाभ
सरकार ने शिक्षा सेवकों (तालिमी मरकज सहित) के लिए भी डिजिटल संसाधनों पर जोर दिया है।
- हर शिक्षा सेवक को स्मार्टफोन खरीदने के लिए ₹10,000 दिए जाएंगे।
- शिक्षण सामग्री के लिए मिलने वाली राशि को ₹3405 से बढ़ाकर ₹6000 प्रति केंद्र प्रति वर्ष कर दिया गया है।
निष्कर्ष
नीतीश सरकार का यह फैसला सीधे तौर पर वकीलों, विकास मित्रों और शिक्षा सेवकों को राहत देने वाला है। चुनावी माहौल में इन घोषणाओं को बिहार की राजनीति में अहम माना जा रहा है।



