78 दिन फरार, फिर भी करता रहा डकैती: कुख्यात अरविंद सहनी का हुआ अंत एनकाउंटर में

50 हजार के इनामी और 22 केसों में वांछित अरविंद सहनी को बिहार एसटीएफ और पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।

Arvind Sahni Encounter Bihar Police Stf
Arvind Sahni Encounter Bihar Police Stf (Source: BBN24/Google/Social Media)

वैशाली जिले में गुरुवार शाम पुलिस और एसटीएफ ने 50 हजार के इनामी अरविंद सहनी को मुठभेड़ में ढेर कर दिया। सहनी लूट और हत्या के 22 मामलों में वांछित था और 28 मई को समस्तीपुर कोर्ट से फरार होने के बाद से पुलिस को चकमा दे रहा था।

बिहार से बाहर भी मचाया आतंक

अरविंद सहनी ने न सिर्फ बिहार में, बल्कि छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में भी डकैतियां की थीं। छत्तीसगढ़ में उसने बड़ी गोल्ड लूट को अंजाम दिया था।

मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम

चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे बगीचे में पुलिस ने उसे घेरा। सहनी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में हुई गोलीबारी में वह मारा गया। मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी घायल हुआ और करीब 20 राउंड गोलियां चलीं।

कोर्ट से फिल्मी अंदाज में फरार

28 मई को पेशी के दौरान सहनी और उसके चार साथी समस्तीपुर कोर्ट से पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भाग निकले थे। उनमें से एक को बाद में पकड़ा गया, जबकि सहनी लगातार फरार रहा।

30 साल की उम्र, 22 संगीन मामले

वैशाली जिले के सहथा भगवानपुर गांव का रहने वाला अरविंद सहनी मात्र 30 साल का था, लेकिन उस पर 22 गंभीर केस दर्ज थे। 2019 के हाजीपुर मुथूट फाइनेंस गोल्ड लूटकांड में भी उसका नाम सामने आया था।

Share This Article
Exit mobile version