पटना एम्स (AIIMS Patna) में महिला कर्मी और उनकी नाबालिग बेटी से कथित छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। आरोपों की आंतरिक जांच में पुष्टि होने के बाद फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने आरोपी कनीय प्रशासनिक अधिकारी (आउटसोर्स) अश्विनी कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पोक्सो एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
दो साल से परेशान करने का आरोप
पीड़ित महिला का आरोप है कि आरोपी अधिकारी पिछले करीब दो वर्षों से उनके साथ अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ कर रहा था। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जाता था। सामाजिक बदनामी और रोजगार की चिंता के कारण महिला लंबे समय तक शिकायत दर्ज नहीं करा सकी।
नाबालिग बेटी के साथ भी अश्लील हरकत का आरोप
महिला के अनुसार, स्थिति तब गंभीर हो गई जब उन्हें जानकारी मिली कि आरोपी उनकी नाबालिग बेटी के साथ भी कथित रूप से अश्लील हरकतें कर रहा है। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत एम्स प्रशासन से की और न्याय की मांग की।
शिकायत के बाद बनी जांच समिति
महिला ने 21 फरवरी 2026 को एम्स प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए संस्थान ने छह सदस्यीय आंतरिक जांच समिति का गठन किया। समिति ने व्हाट्सएप चैट, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।
जांच रिपोर्ट में महिला और उसकी बेटी द्वारा लगाए गए आरोपों को सही पाया गया। इसके बाद एम्स प्रशासन ने मामले को पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
एम्स के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से फुलवारी शरीफ थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और छेड़छाड़ से संबंधित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और उपलब्ध सभी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। वहीं, एम्स प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित पक्ष को आवश्यक सहयोग देने की बात कही है।
यह मामला सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में भी चर्चा का विषय बना हुआ है और कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है।

