बिहार के सारण जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। 22 अगस्त की देर रात दिल्ली और पटना से पहुंची NIA की टीम ने परसा थाना क्षेत्र में मुख्य पार्षद आयशा खातून के आवास पर छापेमारी की। टीम ने घर में कई घंटे तक तलाशी ली।
कार्रवाई के बाद मुख्य पार्षद के बेटे करमुल्लाह अंसारी और चेतन परसा निवासी मोहम्मद गफ्फार मियां को पूछताछ के लिए अपने साथ ले जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, दोनों की गिरफ्तारी को लेकर एजेंसी की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आधी रात को पहुंची NIA की टीम
जानकारी के अनुसार, NIA की टीम देर रात परसा पहुंची और मुख्य पार्षद के आवास को घेर लिया। कार्रवाई को काफी गोपनीय रखा गया था। स्थानीय लोगों को भी इसकी जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद हुई।
NIA के साथ स्थानीय पुलिस बल भी सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद रहा।
घर में कई घंटे तक चली तलाशी
NIA की टीम ने आवास में करीब तीन से चार घंटे तक तलाशी ली। इस दौरान घर में मौजूद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच किए जाने की बात सामने आई है।
बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की गई। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
मुख्य पार्षद के बेटे को साथ ले गई टीम
तलाशी पूरी होने के बाद NIA की टीम मुख्य पार्षद आयशा खातून के बेटे करमुल्लाह अंसारी को अपने साथ ले गई। मोहम्मद गफ्फार मियां को भी टीम द्वारा पूछताछ के लिए ले जाने की जानकारी है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों को किस कानूनी स्थिति में ले जाया गया है। इस संबंध में NIA की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
हथियार तस्करी से जुड़े मामले में कार्रवाई की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, NIA की यह कार्रवाई हथियारों की खरीद-बिक्री और कथित तस्करी से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में हुई है। करमुल्लाह अंसारी का नाम पहले भी हथियार तस्करी से जुड़े मामलों की जांच में आने की बात कही जा रही है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी मानना उचित नहीं होगा।
2024 में भी हुई थी छापेमारी
बताया जाता है कि वर्ष 2024 में भी NIA की टीम ने इसी आवास पर कार्रवाई की थी। उस दौरान भी कई घंटे तक तलाशी ली गई थी और दस्तावेजों तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
उस समय सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और अन्य सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी।
असम से हथियार बरामदगी का कनेक्शन?
जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मामले की जांच का संबंध असम के दीमापुर से हथियार और AK-47 के पुर्जे बरामद होने से भी हो सकता है। इसके बाद हथियारों की कथित सप्लाई और नेटवर्क से जुड़े कई पहलुओं की जांच की गई थी।
हालांकि, परसा में हुई ताजा NIA कार्रवाई को इन घटनाओं से सीधे जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मुजफ्फरपुर हथियार नेटवर्क की भी चर्चा
मामले में मुजफ्फरपुर के हथियार नेटवर्क से संभावित कनेक्शन की भी चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां हथियारों की कथित तस्करी और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही हैं।
फिलहाल NIA की ओर से मामले को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय पुलिस ने संभाली सुरक्षा
NIA की कार्रवाई के दौरान परसा पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। थानाध्यक्ष ओम प्रकाश के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। लोगों को कार्रवाई वाली जगह से दूर रखा गया।
NIA की टीम के लौटने के बाद ही स्थानीय लोगों को पूरी कार्रवाई की जानकारी मिल सकी।
NIA की कार्रवाई के बाद बढ़ी हलचल
छापेमारी की खबर सामने आने के बाद परसा और आसपास के इलाकों में चर्चा तेज हो गई। लोग कार्रवाई की वजह और NIA द्वारा की गई जांच को लेकर जानकारी जुटाते रहे।
फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई NIA की जांच और आधिकारिक बयान पर निर्भर करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई के पीछे पूरा मामला क्या है और किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

