पटना: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में बुधवार को पटना में छात्रों ने बड़ा प्रदर्शन किया। गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च डाकबंगला चौराहा, कोतवाली थाना और राजभवन रोड तक पहुंचा, जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
6 घंटे तक चली पुलिस और छात्रों की झड़प
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी, लेकिन छात्र आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लिया। दोनों पक्षों के बीच करीब छह घंटे तक रुक-रुककर झड़प होती रही।
कई लोग घायल
प्रदर्शन के दौरान कई छात्र, पुलिसकर्मी और कुछ पत्रकार घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, पटना के आईजी जितेंद्र राणा भी इस दौरान घायल हुए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
विधानसभा और संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई सुरक्षा
छात्र आंदोलन को देखते हुए बिहार विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार को एहतियातन बंद कर दिया गया। केवल पैदल आने-जाने वालों को अनुमति दी गई। इसके अलावा विधानसभा परिसर, बीजेपी कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
शहर में लगा जाम
प्रदर्शन का असर राजधानी पटना के कई इलाकों में देखने को मिला। डाकबंगला चौराहा सहित कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। एहतियात के तौर पर आसपास की कई दुकानों ने भी अपने शटर बंद कर दिए, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशांत किशोर ने क्या कहा?
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं में लंबे समय से नाराजगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी के कारण छात्रों का आक्रोश बढ़ा है, जो अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है।
फिलहाल स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

