Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी अब एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक मिले सबूत दोनों की समान भूमिका की ओर इशारा करते हैं।
पूछताछ में दोनों के अलग-अलग दावे
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चेतन चौधरी ने पुलिस को बताया कि वह सिया के साथ भाग जाना चाहता था, लेकिन केतन को रास्ते से हटाने की जिद सिया की थी। दूसरी ओर, सिया गोयल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हत्या की योजना चेतन ने बनाई थी। उसने यह भी दावा किया कि पहली कोशिश नाकाम होने के बाद चेतन भावुक हो गया था।
पुलिस ने क्या कहा?
जांच अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपी खुद को बचाने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक जुटाए गए सबूतों से संकेत मिलता है कि कथित साजिश में दोनों की बराबर की भूमिका थी। जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, मुलाकातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं।
कैफे में हुई थी कथित मुलाकात
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली है कि 31 मई से 4 जून के बीच सिया और चेतन की पुणे के एक कैफे में मुलाकात हुई थी। पुलिस को संदेह है कि इसी दौरान कथित रूप से हत्या की योजना बनाई गई थी। इस पहलू की भी विस्तार से जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 18 जून को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले के पास एक घाटी में कथित रूप से धक्का देकर हत्या कर दी गई। इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया है।
केतन अग्रवाल अमेरिका के बोस्टन से पढ़ाई पूरी करने के बाद भारत लौटे थे और अपने पिता के रियल एस्टेट कारोबार में निदेशक के रूप में कार्यरत थे। उनकी और सिया की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी तथा दोनों की शादी नवंबर में उदयपुर में प्रस्तावित थी।
SIT जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया गया। विधानसभा के पीठासीन अधिकारी ने सरकार को मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है।
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक सुनील शेलके ने इस मामले में सिया गोयल के परिवार की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार ने कथित रूप से महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई थी। हालांकि, इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
नोट: यह मामला फिलहाल जांच के अधीन है। आरोपियों के दावे और आरोपों की पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

