बिहार टेंडर घोटाला: कौन हैं IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा? SVU की बड़ी कार्रवाई से चर्चा में

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Ias Yogesh Sagar Abhilasha Sharma Profile Svu Raid Bihar Tender Scam
Ias Yogesh Sagar Abhilasha Sharma Profile Svu Raid Bihar Tender Scam (PC: BBN24/Social Media)

IAS Yogesh Sagar And Abhilasha Sharma: बिहार में कथित टेंडर घोटाला मामले की जांच तेज हो गई है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने कारोबारी रिशु श्री से पूछताछ के बाद बिहार कैडर के दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों, योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा, के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसियां विभिन्न दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान मिले कुछ इनपुट के आधार पर SVU ने यह कार्रवाई की है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और आरोपों की पुष्टि किसी अदालत द्वारा नहीं की गई है।

कौन हैं IAS योगेश कुमार सागर?

Yogesh Kumar Sagar बिहार कैडर के 2017 बैच के अधिकारी हैं। उन्हें प्रशासनिक कार्यों में तकनीक आधारित दृष्टिकोण और तेज कार्यशैली के लिए जाना जाता है।

प्रमुख जिम्मेदारियां

  • फोर्ब्सगंज (अररिया) में एसडीओ
  • भागलपुर नगर निगम में नगर आयुक्त
  • बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BUIDCO) के प्रबंध निदेशक
  • समाज कल्याण विभाग में निदेशक

BUIDCO में कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई शहरी विकास परियोजनाओं और बड़े टेंडरों की निगरानी की थी।

कौन हैं IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा?

Abhilasha Kumari Sharma बिहार कैडर की 2014 बैच की अधिकारी हैं। वे राज्य की प्रमुख महिला प्रशासनिक अधिकारियों में शामिल रही हैं।

प्रमुख जिम्मेदारियां

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय में प्रारंभिक नियुक्ति
  • सीतामढ़ी की जिलाधिकारी (DM)
  • वित्त विभाग में संयुक्त सचिव
  • जीविका (JEEViKA) परियोजना में वरिष्ठ प्रशासनिक भूमिका
  • ग्रामीण विकास विभाग में विभिन्न जिम्मेदारियां

उन्हें विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाना जाता रहा है।

कैसे शुरू हुआ मामला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, कारोबारी और ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े कुछ सरकारी टेंडरों और वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। प्रारंभिक जांच के बाद SVU ने मामले की पड़ताल शुरू की। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले से जुड़ी जानकारी मांगी और मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से जांच शुरू की।

जांच में यह आरोप सामने आया कि कुछ सरकारी परियोजनाओं में नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाने और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका है। फिलहाल एजेंसियां दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।

घटनाक्रम की टाइमलाइन

2024-25

  • टेंडर प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं।
  • SVU ने प्रारंभिक जांच शुरू की।

नवंबर 2025

  • ED ने बिहार सरकार और SVU से संबंधित दस्तावेज मांगे।
  • मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू हुई।

2025 के अंत में

  • कई ठिकानों पर छापेमारी की गई।
  • बैंक खातों और संपत्ति संबंधी लेन-देन की जांच तेज हुई।

मई 2026

  • बिहार सरकार ने दोनों IAS अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
  • विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

जून 2026

  • रिशु श्री से पूछताछ के बाद SVU ने दोनों अधिकारियों और संबंधित लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई तेज कर दी।

नोट: मामला फिलहाल जांच के दायरे में है। जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा।

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