Bihar MLC Election: सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, पहली बार सदन पहुंचे निशांत कुमार और पवन सिंह

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Bihar Mlc Election 2026 All 10 Candidates Elected Unopposed
Bihar Mlc Election 2026 All 10 Candidates Elected Unopposed (PC: BBN24/Social Media)

Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव का परिणाम घोषित कर दिया गया है। सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग ने सभी प्रत्याशियों को विजयी घोषित कर दिया।

इस चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का दबदबा देखने को मिला। कुल 10 सीटों में से 9 सीटें एनडीए के खाते में गईं, जबकि एक सीट राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को मिली।

पहली बार सदन पहुंचे निशांत कुमार और पवन सिंह

इस चुनाव की सबसे अधिक चर्चा मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar को लेकर रही। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होकर निशांत कुमार पहली बार किसी सदन के सदस्य बने हैं।

वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से भोजपुरी अभिनेता और गायक Pawan Singh ने भी पहली बार बिहार विधान परिषद में प्रवेश किया है।

कौन-कौन हुए निर्वाचित?

जदयू की ओर से:

  • निशांत कुमार
  • भारती मेहता
  • शिवानी देवी प्रजापति
  • ललन प्रसाद

भाजपा की ओर से:

  • पवन सिंह
  • संजय प्रकाश मयूख
  • अनिल ठाकुर
  • शीला पंडित

अन्य दलों से:

  • अशरफ अंसारी (लोजपा-रामविलास)
  • सुनील सिंह (राजद)

मतदान की नहीं पड़ी जरूरत

विधान परिषद की 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर उपचुनाव होना था। कुल 10 सीटों के लिए केवल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया। जांच के दौरान सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। सीटों और उम्मीदवारों की संख्या बराबर होने के कारण मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी और सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।

किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?

  • जदयू: 4 सीट
  • भाजपा: 4 सीट
  • लोजपा (रामविलास): 1 सीट
  • राजद: 1 सीट

इस तरह एनडीए को कुल 9 सीटों पर सफलता मिली।

दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर चर्चा

चुनाव परिणाम के बाद पंचायती राज मंत्री Deepak Prakash को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बार उन्हें विधान परिषद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया। ऐसे में यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर वे किसी सदन के सदस्य नहीं बनते हैं, तो उनके मंत्री पद को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।

फिलहाल सभी निर्वाचित उम्मीदवारों को जीत का प्रमाणपत्र दिया जा रहा है और बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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